क्या मिला आपको, उससे रुलाने से
जो हंस रहा था मेरे अफसाने से
अब तू किस किरदार में है ये बता
कल इक शख्स पूछ रहा था इक दीवाने से
वो जो ज़ख्म है दिखा नहीं सकता में
जो मुझे मिल रहे थे इक ज़माने से
इस दर्द की क्या दुआ दूं तुझे ऐ साकी
बिना पियाए ही निकाल दिया शराब-खाने से
अब कुछ चाह नहीं रही 'अख़्तर'
सब मिल गया है उससे पाने से
'अख़्तर' को बहर-ए-खुदा आजमाना छोड़
'अख़्तर' टूट जाता है जादा आजमाने से
AKHTAR PARWEZ DEHLVI
बेहतरीन
जवाब देंहटाएंshukriya
हटाएं👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼
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