मेरे दिल की आरजू है हां यही जुस्तुजू है
तेरे साथ ही सहर हो और हम तुझे संवारे
इन बेक़रारियों का सबब है तो बस यही है
तेरी चंचली आदाएं तेरी आंखों के इसारे
तुझे देखने से पहले पूछूंगा तेरी ख़्वाहिश
गर मिल जाए इजाज़त तो हम तुझे निहारे
उसे देख कर के 'अख़्तर' खुद को छुपा रहा है
की जान ही न लेले उल्फत भरे नज़ारे
~परवेज़ अख़्तर