तुझसे हम ऐसे तो किनारा न करेगे
पर तू मेरा है ऐसा भी दावा न करेगे
हर बात पे मेरी खोशामाद करे जो
ऐसा सनम हम भी गवारा न करेगे
इश्क़ के बेगैर शायर पूरा न बनेगा
और इश्क़ के बेगैर हम गुज़र न करेगे
हम वो बला हैं कि तुझे भूल गए तो
ता उम्र कभी ज़िक्र तुम्हारा न करेंगे
इश्क़ ने ही अख़्तर को बर्बाद किया है
पर क्यूं कहें कि इश्क़ दोबारा न करेगे
~अख़्तर परवेज़ देहलवी