कमज़ोर दिल है कमज़ोर सांसे हैं ये क्या शमा है ?
ऐ जां मुझे क्या पता मुझे जाना कहां है ?
तुझसे लड़ के तुझ सा ही हो गया हूं में
कह दे मेरे राकीब से मुझे आना कहां है ?
तूझे धुंड लूंगा तेरी सांसों की आहट से
तू चली जा ये जां तुझे जाना जहां है
क्यूं उसको पाने की ज़िद लगा है 'अख़्तर '
जिसने तुझे कभी अपना जाना कहां है