मंगलवार, 21 मई 2019

Ghazal : क्या मिला आपको, उससे रुलाने से

क्या मिला आपको, उससे रुलाने से
जो हंस रहा था मेरे अफसाने से

अब तू किस किरदार में है ये बता
कल इक शख्स पूछ रहा था इक दीवाने से

वो जो ज़ख्म है दिखा नहीं सकता में
जो मुझे मिल रहे थे इक ज़माने से

इस दर्द की क्या दुआ दूं तुझे ऐ साकी
बिना पियाए ही निकाल दिया शराब-खाने से

अब कुछ चाह नहीं रही 'अख़्तर'
सब मिल गया है उससे पाने से

'अख़्तर' को बहर-ए-खुदा आजमाना छोड़
'अख़्तर' टूट जाता है जादा आजमाने से

AKHTAR PARWEZ DEHLVI

3 टिप्‍पणियां:

Ghazal

mere anshu gire jo zamin pe sabhi girte girte Sara asar rah gaya  main tadpta raha jaan niklati rahi tu udhar rah gyi mein idhar raha gaya  ...