ईनाम बाटते -2 ईनाम हो गया हूँ !
जो कभी पूरा ना हो वो अरमान हो गया हूँ !!
मैं तो तेरे नाम में मोहब्बात ढूढता था
अब तेरे नाम से बदनाम हो गया हूँ !!
मेरे नाम को ज़माने ने कुछ इस तरह सराहा
नाम होते हुए भी गुमनाम हो गया हूँ !!
बिना किसी मतलब के ,वो देखता ना था
मैं उसकी बातों से हैरान हो गया हूँ !!
इश्क-इ-जुदाई , चलो अच्छा हुआ
मैं अब मज्नु से इंसान हो गया हूँ !!
मौत तो हकीकत है ,आनी है
पर में उसके लिए कब्रिस्तान हो गया !!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें