शर्बत-ए-शराब ने शबाब को दगा दिया
रात में चिराग ने मुझको जगा दिया !!
अपनी खुशियों पे तो वो लोटपोट हो गया
हमारी खुशियों पे एक सितम ढह दिया !!
सहमे-सहमे उससे हमने एक सवाल किया
क्यूँ दिया तूने धोका, क्यूँ तूने भुला दिया !!
सोच-सोच के एक बात रात भर न सोएं हम
क्यूँ किया तूने सिकवा, क्यूँ तूने रुला दिया !!
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