मुझको याद आता है मेरा बचपन
याद अपनों कि दिलाता है मेरा बचपन
वो नन्हे नन्हे पैरों से चल कर
मां से लिपट जाता है मेरा बचपन
आक्सर ज़िंदगी की भंवर में फस्ता हूं
मुझको साहिल पे ले आता है मेरा बचपन
जब भी तन्हा कर देती है मुझे दुनिया
तब तब मुझसे मिलने आता है मेरा बचपन
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