सोमवार, 11 अगस्त 2014

Song : mujhko pyaar ho gya

उसका सुरूर मुझ पर सवार हो गया
मुझको हां मुझको-मुझको प्यार हो गया

लफ़्ज़ खुद बन गए इजहार हो गया
मुझको हां मुझको-मुझको प्यार हो गया

वो मेरी रातों में ख्वाब बन के आती है
अपनी अदाओं से मेरे दिल को चुराती है
ख्वाबों में उसका इंतज़ार हो गया
मुझको हां मुझको-मुझको प्यार हो गया

उसका वजूद उसका ही नाम आता है
एक अक्स दिखता है और फिर खो जाता है
वो मेरे हमराज मेरा यार हो गया
मुझको हां मुझको-मुझको प्यार हो गया 

~ अख़्तर परवेज़ देहलवी

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Ghazal

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